सर्वेभ्यो नमो नमः

सर्वेभ्यो नमो नमः
स्वजनों ,

आज हम जो कहने जा रहे है उसे गंभीरता से समझिएगा क्योंकि यह प्रश्न राष्ट्र एवं हिंदुत्व के लिए अति महत्वपूर्ण है


इस प्रश्न पर हम सब को संगठित होकर कार्य करना अत्यावश्य है क्योंकि जो लोग पाकिस्तान से आए हमारे हिंदू भाइयों

को देश में शरण देने के लिए कभी इस प्रकार आगे नहीं आएं है, वही लोग आज इन घुसपैठियों का समर्थन कर रहे हैं जो

हमारे देश के लिए घातक सिद्ध होने वाला है . इन लोगों को तो मात्र अपने सत्ता का स्वार्थ है |

वर्तमान में यह प्रश्न न्यायालय के विचाराधीन है, किंतु #ASAM_NRC का प्रश्न राष्ट्र एवं हिंदुत्व के लिए अति

महत्वपूर्ण है इसलिए हमें संगठित हो सरकार व् विपक्ष को इस बात के लिए विवश करना होगा की बांग्लादेशी मुसलमान
घुसपैठियों की नागरिकता एवं मताधिकार समाप्त हो और इस निर्णय में कोई परिवर्तन न हो यह मात्र हिंदुओं के अथवा
मुसलमानों के मत लेने सरकार और विपक्ष की और से राजनीति मात्र बनकर न रह जाए अन्यथा यह घातक सिद्ध होगा



स्वजनों यदि यह कार्य हमनें सफलता पूर्वक कर दिया तो विश्वास करिए देश से तुष्टिकरण की राजनीति का अंत हो
जाएगा यह सत्य है कि इससे संपूर्ण अवैध मुस्लिम बंगलादेशियों का प्रश्न हल नहीं होगा किंतु यदि सरकार निर्णायक
रूप से इन लोगों को मतदान सूची एवं सरकारी योजनाओं के लाभों से वंचित करने का कार्य करें , जैसे मुस्लिम बाहुल्य
स्थानों पर कट्टर मुसलमानों द्वारा उग्र एवं हिंसक प्रदर्शन की संभावना है और मान लीजिए यह ऐसी परिस्थिति निर्माण
होगी जो पूर्व में कभी नहीं हुई ऐसी परिस्थिति में तथाकथित बिन सांप्रदायिक्तावादि नेताओं की भी यह लोग नहीं सुनेंगे
किन्तु इस्लामवाद को जो चोट मिलेगी वो एक उदाहरण बनेगी. इस्लामवाद अपने सबसे बड़े हथियार जनसंख्या की
ताकत को चुनौती देने पर कभी शांत नहीं बैठेगा

सरकार को इस संभावित हिंसा से निपटने की कठोर तैयारी करनी पड़ेगी, सेक्युलकरवादियों और इस्लामवादी जमात
को स्पष्ट संदेश देना होगा कि या तो चुपचाप बिल में घुस जाओ वरना जान जा सकती है.

किंतु तब यदि सरकार हिंसा के भय से इसे स्थगित करने का अथवा इस निर्णय में परिवर्तन करने का कार्य करेगी तो
गृहयुद्ध जैसी परिस्थिति निर्माण होने की संभावना होगी


छोटी हिंसा का भय बड़ी हिंसा को जन्म देता है.


भारत का विभाजन इसलिये हुआ क्योंकि गांधी नेहरू की काँग्रेस, मुस्लिम लीग के छुरे से होने वाली छोटी सी हिंसा से
डर कर घुटने टेक गए थे. मुस्लिम लीग से लड़े जाने वाले गृहयुद्ध में विभाजन से अबतक हुई हिंदुओं की हत्याओं से कई
गुणा कम जानें जातीं…

Akhand Bharat - As it Was     :     Hindustan - As it is


इतिहास ने हमें फिर ऐसे ही एक मोड़ पर खड़ा कर दिया है जहाँ हमारे
नेतृत्व को हिंसा और कायरता के बीच एक का चुनाव करना है.

हमारे पास अवसर है कि वह १९४७ के विभाजन की कायरता के श्राप
से भारत को मुक्त करें

स्वजनों यह निर्णय की घड़ी है

तस्मात् जागृहि जागृहि ...

सनातन धर्मों विजयते
जयतु हिंदुराष्ट्रम्

धीरेन पुरोहित

Comments

  1. भारत जल्द ही हिन्दु राष्ट्र की ओर अग्रसर होगा

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